कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय
2024-25 नीति अद्यतन
PM इंटर्नशिप योजना (अक्टूबर 2024)
- लक्ष्य : 5 वर्षों में 1 करोड़ युवा
- अवधि : 12 महीने इंटर्नशिप
- मासिक सहायता : ₹5,000 (सरकार: ₹4,500; CSR: ₹500)
- अनुदान : ₹6,000 एकमुश्त
- आयु : 21-24 वर्ष
- पात्रता : कोई ITI/डिप्लोमा/कॉलेज नामांकन नहीं
- कंपनियां : CSR द्वारा शीर्ष 500 + अन्य
PMKVY 4.0 (2023-2027)
- परिव्यय : ₹10,000 करोड़
- लक्ष्य : 2026 तक 1 करोड़ प्रमाणित
- नए ट्रेड : AI, EV, ड्रोन, हरित हाइड्रोजन
- उद्योग साझेदारी : 50% पाठ्यक्रम सह-डिजाइन
- पूर्व शिक्षा मान्यता : बढ़ा हुआ फोकस
राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना
- वजीफा सहायता : निर्धारित वजीफे का 25%
- लक्ष्य : 10 लाख शिक्षु/वर्ष
- NAPS पोर्टल : पंजीकरण के लिए सिंगल विंडो
- डिग्री शिक्षुता : इंजीनियरिंग में पायलट
स्किल इंडिया डिजिटल हब
- पाठ्यक्रम : SID प्लेटफॉर्म पर 700+
- पंजीकरण : 2 करोड़+ शिक्षार्थी
- AI/ML : रोजगार के साथ कौशल मैपिंग
- प्रमाणन : NSDC + उद्योग मान्य
ITI आधुनिकीकरण
- उन्नयन : 1,000 ITIs उत्कृष्टता केंद्र के रूप में
- उपकरण : ₹30 करोड़ प्रति ITI
- इंडस्ट्री 4.0 : स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग लैब
- ट्रेड : 68 नए ट्रेड प्रस्तुत
2023-24 प्रमुख विकास
जन विश्वास अधिनियम 2023 - कौशल क्षेत्र पर प्रभाव
- अपराधमुक्त : शिक्षुता अधिनियम, 1961 अपराध
- दंड : मौद्रिक जुर्माने में परिवर्तित
- रोजगार : नियोक्ताओं के लिए आसान अनुपालन
- उद्देश्य : शिक्षुता भर्ती प्रोत्साहित
राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (अप्रैल 2023)
- स्वीकृत : मंत्रिमंडल
- परिव्यय : ₹6,003 करोड़ (2023-31)
- फोकस : क्वांटम कंप्यूटिंग, संचार, सेंसिंग
- कौशल : क्वांटम तकनीक में 10,000+ पेशेवर प्रशिक्षण