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गुप्त युग के दौरान क्षेत्रीय राज्य

PYQs

सबसे आम जाल [PYQ विश्लेषण पर आधारित]:

  • एलोरा कैलासनाथ: राष्ट्रकूटों (कृष्ण प्रथम) द्वारा निर्मित, पल्लवों द्वारा नहीं
  • शोर मंदिर: पल्लव (नरसिंहवर्मन द्वितीय), चोल नहीं
  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय: धर्मपाल (पाल) द्वारा स्थापित, हर्ष नहीं
  • ऐहोल शिलालेख: रविकीर्ति (पुलकेशिन द्वितीय का दरबार), कालिदास नहीं
  • चालुक्य-विक्रम युग: विक्रमादित्य षष्ठ द्वारा प्रारंभ (1076 ई.)
  • वेसर शैली: कल्याणी के चालुक्य, नागर + द्रविड़ का मिश्रण
  • नालंदा: कुमारगुप्त प्रथम (गुप्त), धर्मपाल (पाल) नहीं - पालों ने केवल संरक्षण दिया
समयरेखा अवलोकन
कालप्रमुख राजवंशक्षेत्रमुख्य विशेषता
4-6वीं ई.वाकाटक, कदंबदक्कनगुप्तोत्तर संक्रमण
6-8वीं ई.पल्लव, बादामी के चालुक्यदक्षिण भारतमंदिर वास्तुकला प्रारंभ
8-10वीं ई.राष्ट्रकूट, पालदक्कन, बंगालसाम्राज्यिक विस्तार
9-13वीं ई.चोल, कल्याणी के चालुक्यदक्षिण भारतनौसैनिक शक्ति, वेसर शैली
11-14वीं ई.होयसल, पांड्य, सेनदक्षिण और पूर्वक्षेत्रीय समेकन

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • त्रिपक्षीय संघर्ष: राष्ट्रकूट बनाम पाल बनाम प्रतिहार (कन्नौज के लिए)
  • तीन वास्तुकला शैलियां: नागर (उत्तर), द्रविड़ (दक्षिण), वेसर (दक्कन)
  • स्थानीय सभाएं: उर, सभा, नगरम (चोल काल)

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वाकाटक
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल250-500 ई.गुप्तों के समकालीन
क्षेत्रविदर्भ (महाराष्ट्र)दक्कन शक्ति
राजधानीनंदिवर्धन, प्रवरपुरप्रशासनिक केंद्र
प्रसिद्ध शासकहरिषेणअजंता गुफा संरक्षण
गुप्त गठबंधनप्रभावती गुप्त (चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री)वैवाहिक गठबंधन

मुख्य योगदान

योगदानविवरण
अजंता गुफाएंचरण II चित्रकला (गुफा 1, 2, 16, 17)
संस्कृत संरक्षणप्रवरसेन द्वितीय ने सेतुबंध रचा
प्रशासनसामंतों के साथ सामंती संरचना
कदंब
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल345-525 ई.प्रारंभिक कर्नाटक राजवंश
संस्थापकमयूरशर्मनब्राह्मण मूल
राजधानीबनवासी (कर्नाटक)प्रथम राजधानी
लिपिकन्नड़ शिलालेखप्रारंभिक कन्नड़

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • पहले कन्नड़ शिलालेख: कदंब काल
  • मयूरशर्मन: मूलतः वैदिक अध्ययन के लिए कांची गए थे

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पल्लव
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल275-897 ई.प्रमुख दक्षिण भारतीय राजवंश
राजधानीकांचीपुरमसांस्कृतिक केंद्र
उत्पत्तिविवादित (ब्राह्मण/नाग)ऐतिहासिक बहस
भाषासंस्कृत, तमिलद्विभाषी शिलालेख

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
सिंहविष्णु575-600 ई.कालभ्रों को पराजित
महेंद्रवर्मन प्रथम600-630 ई.शैलकट मंदिर (मंडगपट्टु गुफा)
नरसिंहवर्मन प्रथम630-668 ई.पुलकेशिन द्वितीय को पराजित ("महामल्ल" उपाधि)
नरसिंहवर्मन द्वितीय700-728 ई.शोर मंदिर (संरचनात्मक मंदिर)

पल्लव वास्तुकला

चरणप्रकारउदाहरण
चरण Iशैलकट (महेंद्रवर्मन प्रथम)मंडगपट्टु, महेंद्रवाड़ी
चरण IIएकाश्मक रथमहाबलीपुरम (5 रथ) (पंचरथ)
चरण IIIसंरचनात्मक मंदिरशोर मंदिर, कैलासनाथ

प्रमुख स्मारक

स्मारकस्थाननिर्माता
शोर मंदिरमहाबलीपुरमनरसिंहवर्मन द्वितीय (यूनेस्को स्थल)
कैलासनाथ मंदिरकांचीपुरमनरसिंहवर्मन द्वितीय
गंगा अवतरणमहाबलीपुरमनरसिंहवर्मन प्रथम
पंचरथमहाबलीपुरमनरसिंहवर्मन प्रथम

UPSC जाल

शोर मंदिर = पल्लव (नरसिंहवर्मन द्वितीय), चोल नहीं। बृहदेश्वर (चोल) से भ्रमित न करें।

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बादामी के चालुक्य (प्रारंभिक चालुक्य)
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल543-757 ई.दक्कन शक्ति
राजधानीवातापी (बादामी)शैलकट गुफाएं
संस्थापकपुलकेशिन प्रथमराजवंश संस्थापक
धर्मशैववाद, वैष्णववादहिंदू संरक्षण

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
पुलकेशिन प्रथम543-566 ई.राजवंश स्थापना (अश्वमेध किया)
पुलकेशिन द्वितीय610-642 ई.हर्ष को पराजित (महानतम शासक)
विक्रमादित्य प्रथम655-680 ई.वातापी पुनर्प्राप्त
विक्रमादित्य द्वितीय733-746 ई.पल्लवों को पराजित

पुलकेशिन द्वितीय

पहलूविवरण
हर्ष पराजयनर्मदा पर हर्ष को रोका
ऐहोल शिलालेखरविकीर्ति (दरबारी कवि) द्वारा (प्राथमिक स्रोत)
ह्वेनसांगउनके दरबार का दौरा किया
मृत्युनरसिंहवर्मन प्रथम द्वारा मारे गए

चालुक्य वास्तुकला

स्थलविशेषताएं
बादामी गुफाएं4 शैलकट गुफाएं (3 हिंदू, 1 जैन)
ऐहोल125+ मंदिर, "भारतीय वास्तुकला का पालना"
पट्टदकल10 मंदिर, यूनेस्को स्थल (द्रविड़ + नागर मिश्रण)
राष्ट्रकूट
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल753-982 ई.प्रमुख दक्कन साम्राज्य
राजधानीमान्यखेट (मालखेड)कर्नाटक
संस्थापकदंतिदुर्गचालुक्यों को अपदस्थ किया
धर्मशैववाद, जैन धर्मधार्मिक सहिष्णुता

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
दंतिदुर्ग753-756 ई.राजवंश स्थापना
कृष्ण प्रथम756-774 ई.कैलासनाथ मंदिर (एलोरा गुफा 16)
गोविंद तृतीय793-814 ई.महानतम विजेता
अमोघवर्ष प्रथम814-878 ई.कन्नड़ संरक्षक (कविराजमार्ग)

त्रिपक्षीय संघर्ष

राजवंशक्षेत्रउद्देश्य
राष्ट्रकूटदक्कनकन्नौज पर नियंत्रण
पालबंगाल-बिहारकन्नौज पर नियंत्रण
प्रतिहारराजस्थान-गुजरातकन्नौज पर नियंत्रण

राष्ट्रकूट वास्तुकला

स्मारकस्थाननिर्माता
कैलासनाथ मंदिरएलोरा (गुफा 16)कृष्ण प्रथम (शैलकट चमत्कार)
एलीफेंटा गुफाएंमुंबईराष्ट्रकूट काल (त्रिमूर्ति मूर्तिकला)
जैन गुफाएंएलोरा (30-34)अमोघवर्ष प्रथम

UPSC जाल

एलोरा कैलासनाथ = राष्ट्रकूट (कृष्ण प्रथम), पल्लव नहीं। कांचीपुरम कैलासनाथ (पल्लव) से भ्रमित न करें।

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • कविराजमार्ग: काव्यशास्त्र पर पहला कन्नड़ ग्रंथ (अमोघवर्ष प्रथम)
  • अरब यात्री: सुलेमान ने राष्ट्रकूटों को "4 महान साम्राज्यों में से एक" कहा
  • एलोरा: 34 गुफाएं (बौद्ध 1-12, हिंदू 13-29, जैन 30-34)

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पाल
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल750-1174 ई.बंगाल-बिहार राजवंश
राजधानीमुद्गगिरि, विक्रमपुरअनेक राजधानियां
संस्थापकगोपालजनता द्वारा निर्वाचित
धर्मबौद्ध (महायान, वज्रयान)बौद्ध संरक्षण

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
गोपाल750-770 ई.राजवंश स्थापना (पहले निर्वाचित राजा)
धर्मपाल770-810 ई.विक्रमशिला विश्वविद्यालय (महानतम शासक)
देवपाल810-850 ई.नालंदा संरक्षण (साम्राज्य चरम)
महीपाल प्रथम988-1038 ई.पुनरुद्धार

पाल योगदान

योगदानविवरण
विक्रमशिलाधर्मपाल द्वारा स्थापित (बौद्ध विश्वविद्यालय)
ओदंतपुरीबिहार (बौद्ध मठ)
नालंदासंरक्षित (स्थापित नहीं)
सोमपुर महाविहारबांग्लादेश (यूनेस्को)

UPSC जाल

नालंदा = कुमारगुप्त प्रथम (गुप्त) द्वारा स्थापित, धर्मपाल नहीं। पालों ने केवल संरक्षण दिया।

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • गोपाल: भारतीय इतिहास में पहले निर्वाचित राजा
  • अतीश दीपंकर: विक्रमशिला के बौद्ध विद्वान, तिब्बत गए
  • पाल लिपि: तिब्बती लिपि में विकसित हुई

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प्रतिहार (गुर्जर-प्रतिहार)
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल730-1036 ई.उत्तर भारतीय साम्राज्य
राजधानीकन्नौजसाम्राज्यिक राजधानी
संस्थापकनागभट्ट प्रथमअरबों को पराजित
धर्मवैष्णववादहिंदू संरक्षण

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
नागभट्ट प्रथम730-760 ई.अरब आक्रमण पराजित (भारत को बचाया)
वत्सराज778-794 ई.त्रिपक्षीय संघर्ष
नागभट्ट द्वितीय794-833 ई.कन्नौज पर कब्जा
मिहिर भोज836-885 ई.महानतम शासक (आदि-वराह उपाधि)

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • आदि-वराह: मिहिर भोज की उपाधि (वैष्णव)
  • अरब पराजय: नागभट्ट प्रथम ने जुनैद के आक्रमण को रोका (738 ई.)

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सेन
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल1070-1230 ई.बंगाल राजवंश
राजधानीनबद्वीप, विक्रमपुरअनेक राजधानियां
संस्थापकसामंतसेनकर्नाटक मूल
धर्महिंदू धर्म (रूढ़िवादी)ब्राह्मणीय पुनरुद्धार

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
विजयसेन1095-1158 ई.साम्राज्य स्थापना
बल्लालसेन1158-1179 ई.कुलीनवाद (सामाजिक सुधार)
लक्ष्मणसेन1179-1206 ई.अंतिम महान शासक

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • गीत गोविंद: जयदेव द्वारा लक्ष्मणसेन के दरबार में रचित
  • कुलीनवाद: बल्लालसेन द्वारा कठोर जाति पदानुक्रम
  • अंत: बख्तियार खिलजी का आक्रमण (1203-04 ई.)

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कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य)
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल973-1189 ई.दक्कन पुनरुद्धार
राजधानीकल्याण (कर्नाटक)प्रशासनिक केंद्र
संस्थापकतैल द्वितीयराष्ट्रकूटों को अपदस्थ
धर्मशैववाद, जैन धर्मधार्मिक सहिष्णुता

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
तैल द्वितीय973-997 ई.राजवंश स्थापना
सोमेश्वर प्रथम1042-1068 ई.चोलों से युद्ध
विक्रमादित्य षष्ठ1076-1126 ई.चालुक्य-विक्रम युग (महानतम शासक)

वेसर वास्तुकला

विशेषताविवरण
शैलीनागर + द्रविड़ का मिश्रण
मंदिरलक्कुंडी, गद्दग, इटगी
विशेषताएंतारा आकार योजना, खराद-निर्मित स्तंभ

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • मिताक्षरा: विज्ञानेश्वर द्वारा याज्ञवल्क्य स्मृति पर टीका
  • वेसर: कर्नाटक द्रविड़ या चालुक्य शैली भी कहा जाता है

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साम्राज्यिक चोल
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल850-1279 ई.महानतम दक्षिण भारतीय साम्राज्य
राजधानीतंजावुर, गंगैकोंडचोलपुरमसाम्राज्यिक राजधानियां
संस्थापकविजयालयतंजावुर पर कब्जा
धर्मशैववादमंदिर संरक्षण

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
विजयालय850-871 ई.राजवंश स्थापना
राजराज प्रथम985-1014 ई.बृहदेश्वर मंदिर (महानतम निर्माता)
राजेंद्र प्रथम1014-1044 ई.नौसैनिक अभियान (गंगैकोंड उपाधि)
कुलोत्तुंग प्रथम1070-1120 ई.चोल-चालुक्य वंश

राजराज प्रथम

उपलब्धिविवरण
बृहदेश्वर मंदिरतंजावुर (यूनेस्को) (वास्तुकला चमत्कार)
विजयश्रीलंका, मालदीव, केरल
भूमि सर्वेक्षणव्यवस्थित राजस्व मूल्यांकन
उपाधिमुम्मुडि चोल

राजेंद्र प्रथम

उपलब्धिविवरण
गंगैकोंडचोलपुरमनई राजधानी
गंगा अभियानपालों को पराजित
नौसैनिक अभियानश्रीविजय, कदाराम (दक्षिण-पूर्व एशिया)
उपाधिगंगैकोंड (गंगा विजेता)

चोल प्रशासन

स्तरइकाईविशेषताएं
केंद्रीयराजानिरंकुश राजतंत्र
प्रांतमंडलमराजकुमारों द्वारा शासित
जिलानाडुस्थानीय सभाएं
ग्रामउर, सभा, नगरमस्वशासन

स्थानीय सभाएं

सभासंरचनाकार्य
उरसामान्य ग्रामवासीसामान्य प्रशासन
सभा/महासभाब्राह्मण भूस्वामीब्राह्मण ग्राम
नगरमव्यापारीव्यापार नियमन

उत्तरमेरुर शिलालेख

विशेषताविवरण
स्थानतमिलनाडु
विषय-वस्तुग्राम सभा नियम (लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं)
चुनावकुडवोलै प्रणाली (लॉटरी)
योग्यताएंआयु, संपत्ति, शिक्षा

UPSC जाल

बृहदेश्वर मंदिर = राजराज प्रथम (चोल), राजेंद्र प्रथम नहीं। राजेंद्र ने गंगैकोंडचोलपुरम मंदिर बनवाया।

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • कुडवोलै: सभा सदस्यों के चयन के लिए लॉटरी प्रणाली
  • नौसैनिक शक्ति: चोलों के पास भारतीय इतिहास की सबसे शक्तिशाली नौसेना थी
  • श्रीविजय अभियान: राजेंद्र प्रथम का दक्षिण-पूर्व एशिया नौसैनिक अभियान

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होयसल
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल1026-1343 ई.कर्नाटक राजवंश
राजधानीद्वारसमुद्र (हलेबिड)प्रशासनिक केंद्र
संस्थापकनृप कामपहाड़ी प्रमुख मूल
धर्मवैष्णववाद, शैववाद, जैन धर्मधार्मिक सहिष्णुता

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
विष्णुवर्धन1108-1152 ई.वैष्णववाद में धर्मांतरित (रामानुज का प्रभाव)
बल्लाल द्वितीय1173-1220 ई.महानतम शासक
बल्लाल तृतीय1291-1343 ई.अंतिम शासक

होयसल वास्तुकला

विशेषताविवरण
सामग्रीसाबुन पत्थर (क्लोराइटिक शिस्ट) - नरम, जटिल नक्काशी
योजनातारा-आकार (विशिष्ट विशेषता)
मूर्तिकलाअत्यधिक अलंकृत, विस्तृत

प्रमुख मंदिर (यूनेस्को 2023)

मंदिरस्थाननिर्माता
चेन्नाकेशवबेलूरविष्णुवर्धन (यूनेस्को स्थल)
होयसलेश्वरहलेबिडविष्णुवर्धन
केशवसोमनाथपुरनरसिंह तृतीय

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • यूनेस्को 2023: होयसल मंदिर विश्व धरोहर में अंकित
  • साबुन पत्थर: ग्रेनाइट में असंभव जटिल नक्काशी की अनुमति दी

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पांड्य
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल6-14वीं ई. (साम्राज्यिक)तमिल राजवंश
राजधानीमदुरैसांस्कृतिक केंद्र
धर्मशैववादमीनाक्षी मंदिर
व्यापारमोती मछली पकड़ना, मसालेसमुद्री व्यापार

महत्वपूर्ण शासक

शासककालउपलब्धि
कडुंगोन590-620 ई.कालभ्रों को पराजित
मारवर्मन सुंदर1216-1238 ई.चोलों को पराजित
जटावर्मन सुंदर1251-1268 ई.महानतम शासक

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • मार्को पोलो: पांड्य राज्य की समृद्धि और मोती व्यापार का वर्णन किया
  • पतन: मलिक काफूर का आक्रमण (1311 ई.)

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भक्ति आंदोलन
पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
काल6-9वीं ई. (दक्षिण)धार्मिक आंदोलन
क्षेत्रतमिलनाडु प्रारंभ मेंबाद में उत्तर में फैला
भाषाएंतमिल, बाद में क्षेत्रीय भाषाएंक्षेत्रीय भाषाएं
प्रभावजाति कठोरता को चुनौतीसामाजिक सुधार

आलवार (वैष्णव संत)

विशेषताविवरण
संख्या12 संत
काल6-9वीं ई.
रचनानालायिर दिव्य प्रबंधम (4000 छंद)
प्रसिद्धआंडाल (एकमात्र महिला), नम्मालवार

नायनार (शैव संत)

विशेषताविवरण
संख्या63 संत
काल6-8वीं ई.
रचनातेवारम, तिरुवाचकम
प्रसिद्धअप्पर, सुंदरर, संबंदर

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • आंडाल: एकमात्र महिला आलवार, तिरुप्पावई की रचना
  • पेरियापुराणम: सेक्किलार द्वारा 63 नायनारों की जीवनी
  • नालायिर दिव्य प्रबंधम: "तमिल वेद" माना जाता है

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मंदिर वास्तुकला शैलियां

तीन प्रमुख शैलियां

शैलीक्षेत्रविशेषताएंउदाहरण
नागरउत्तर भारतवक्राकार शिखर, परिसीमा दीवार नहींखजुराहो, कोणार्क
द्रविड़दक्षिण भारतपिरामिडनुमा विमान, गोपुरम, परिसीमा दीवारबृहदेश्वर, शोर मंदिर
वेसरदक्कनदोनों का मिश्रण, तारा आकार योजनालक्कुंडी, हलेबिड

द्रविड़ शैली घटक

घटकविवरण
विमानगर्भगृह के ऊपर मीनार (पिरामिडनुमा)
गोपुरमद्वार मीनार
मंडपस्तंभित हॉल
प्राकारपरिसीमा दीवार

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • नागर: शिखर (मीनार), गोपुरम नहीं
  • द्रविड़: विमान (मीनार), गोपुरम (द्वार)
  • वेसर: चालुक्य या कर्नाटक द्रविड़ भी कहा जाता है

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व्यापार श्रेणियां और अर्थव्यवस्था

प्रमुख व्यापार श्रेणियां

श्रेणीक्षेत्रव्यापार
अय्यावोलेकर्नाटकबहु-वस्तु ("अय्यावोले के 500 स्वामी")
मणिग्राममतमिलनाडुविदेशी व्यापार
नानादेशीअखिल भारतलंबी दूरी
अंजुवन्नमकेरलपश्चिम एशियाई व्यापार

UPSC प्रारंभिक फोकस

  • अय्यावोले: सबसे शक्तिशाली श्रेणी, अपनी सेना थी
  • मणिग्रामम: दक्षिण-पूर्व एशियाई शिलालेखों में उल्लेखित

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UPSC प्रारंभिक त्वरित तथ्य

राजवंश-राजधानी मिलान

राजवंशराजधानीक्षेत्र
वाकाटकनंदिवर्धनमहाराष्ट्र
कदंबबनवासीकर्नाटक
पल्लवकांचीपुरमतमिलनाडु
बादामी के चालुक्यवातापी (बादामी)कर्नाटक
राष्ट्रकूटमान्यखेटकर्नाटक
पालमुद्गगिरिबंगाल
प्रतिहारकन्नौजउ.प्र.
चोलतंजावुरतमिलनाडु
होयसलद्वारसमुद्रकर्नाटक
पांड्यमदुरैतमिलनाडु

मंदिर-निर्माता मिलान

मंदिरनिर्माताराजवंश
शोर मंदिरनरसिंहवर्मन द्वितीयपल्लव
कैलासनाथ (कांची)नरसिंहवर्मन द्वितीयपल्लव
कैलासनाथ (एलोरा)कृष्ण प्रथमराष्ट्रकूट
विरुपाक्ष (पट्टदकल)लोकमहादेवीचालुक्य
बृहदेश्वरराजराज प्रथमचोल
गंगैकोंडचोलपुरमराजेंद्र प्रथमचोल
चेन्नाकेशव (बेलूर)विष्णुवर्धनहोयसल

सामान्य परीक्षा जालें

  1. एलोरा कैलासनाथ: राष्ट्रकूट (कृष्ण प्रथम), पल्लव नहीं
  2. शोर मंदिर: पल्लव, चोल नहीं
  3. विक्रमशिला: पाल (धर्मपाल), हर्ष नहीं
  4. नालंदा संस्थापक: कुमारगुप्त प्रथम (गुप्त), धर्मपाल नहीं
  5. वेसर शैली: कल्याणी के चालुक्य, बादामी के चालुक्य नहीं
  6. बृहदेश्वर: राजराज प्रथम, राजेंद्र प्रथम नहीं
  7. गोपाल: पहले निर्वाचित राजा (पाल), चंद्रगुप्त नहीं

महत्वपूर्ण तिथियां

  • 642 ई.: नरसिंहवर्मन प्रथम ने पुलकेशिन द्वितीय को पराजित
  • 753 ई.: दंतिदुर्ग ने राष्ट्रकूट राजवंश की स्थापना
  • 985 ई.: राजराज प्रथम ने चोल विस्तार प्रारंभ
  • 1014 ई.: राजेंद्र प्रथम का गंगा अभियान
  • 1076 ई.: चालुक्य-विक्रम युग प्रारंभ