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भारत में ब्रिटिश विस्तार [PYQ 2016, 2018, 2019, 2020, 2022]

UPSC प्रीलिम्स केंद्रित गाइड

PYQs

सबसे आम जाल [PYQ विश्लेषण पर आधारित]:

  • प्लासी की लड़ाई: 1757, क्लाइव बनाम सिराजुद्दौला [PYQ 2019]
  • बक्सर की लड़ाई: 1764, निर्णायक ब्रिटिश विजय [PYQ 2020]
  • टीपू सुल्तान: चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध में मारे गए (1799) [PYQ 2018]
  • व्यपगत का सिद्धांत: लॉर्ड डलहौज़ी की विलय नीति [PYQ 2016]
  • सहायक संधि: लॉर्ड वेलेज़ली की नीति [PYQ 2022]
  • अमृतसर संधि: 1809, रणजीत सिंह के साथ [PYQ 2018]

ब्रिटिश विस्तार समय-रेखा (1757-1856) [PYQ 2019]

चरणकालप्रमुख घटनाएंUPSC प्रासंगिकता
बंगाल विजय1757-1765प्लासी से दीवानीनींव
दक्षिणी युद्ध1767-1799चार आंग्ल-मैसूर युद्धटीपू सुल्तान
मराठा युद्ध1775-1818तीन आंग्ल-मराठा युद्धमध्य भारत
उत्तर-पश्चिम विस्तार1814-1849नेपाल, सिंध, पंजाबसीमांत युद्ध
अंतिम विलय1848-1856व्यपगत का सिद्धांतपूर्ण नियंत्रण

UPSC प्रीलिम्स फोकस

  • अवधि: 99 वर्ष (1757-1856)
  • विधि: युद्ध, संधियां, विलय
  • परिणाम: पूर्ण ब्रिटिश नियंत्रण
  • अंत: 1857 विद्रोह

बंगाल विजय (1757-1765) [PYQ 2019, 2020]

प्लासी की लड़ाई (1757) [PYQ 2019]

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
तिथि23 जून, 1757सबसे महत्वपूर्ण तिथि
प्रतिद्वंद्वीक्लाइव बनाम सिराजुद्दौलाप्रमुख व्यक्तित्व
स्थानप्लासी, बंगालऐतिहासिक स्थल
कारणब्लैक होल घटना, किलेबंदी विवादपृष्ठभूमि
परिणामनिर्णायक ब्रिटिश विजयसाम्राज्य की नींव

प्रमुख कारक

कारकविवरणUPSC प्रासंगिकता
षड्यंत्रमीर जाफ़र का विश्वासघातआंतरिक विश्वासघात
सैन्यबेहतर ब्रिटिश अनुशासनसामरिक लाभ
कूटनीतिजगत सेठ का समर्थनवित्तीय सहायता
परिणाममीर जाफ़र नवाब बनेकठपुतली शासक

बक्सर की लड़ाई (1764) [PYQ 2020]

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
तिथि22 अक्टूबर, 1764निर्णायक लड़ाई
ब्रिटिश कमांडरमेजर हेक्टर मुनरोसैन्य नेता
प्रतिद्वंद्वीत्रिगुट गठबंधनगठबंधन युद्ध
गठबंधनमीर क़ासिम + शाह आलम II + शुजाउद्दौलाएकजुट प्रतिरोध
परिणामपूर्ण ब्रिटिश विजयवर्चस्व स्थापित

बक्सर के परिणाम

परिणामविवरणUPSC प्रासंगिकता
इलाहाबाद की संधि1765 मुगल सम्राट के साथदीवानी अधिकार
बंगाल की दीवानीराजस्व संग्रह अधिकारआर्थिक नियंत्रण
निज़ामतसैन्य और न्यायिक अधिकारप्रशासनिक नियंत्रण
द्वैध शासनकंपनी + नवाब प्रणालीशासन संरचना

UPSC जाल

बक्सर की लड़ाई (1764): ब्रिटिश वर्चस्व के लिए प्लासी से अधिक निर्णायक [PYQ 2020]


आंग्ल-मैसूर युद्ध (1767-1799) [PYQ 2018]

चार युद्धों का अवलोकन

युद्धकालशासकपरिणामसंधिUPSC प्रासंगिकता
प्रथम1767-1769हैदर अलीमैसूर विजयमद्रासब्रिटिश पराजय
द्वितीय1780-1784हैदर अलीमैसूर विजयमंगलौरब्रिटिश पराजय
तृतीय1790-1792टीपू सुल्तानब्रिटिश विजयश्रीरंगपट्टनमटीपू का झटका
चतुर्थ1799टीपू सुल्तानब्रिटिश विजयटीपू मारे गएमैसूर का अंत

हैदर अली (1720-1782)

पहलूउपलब्धिUPSC प्रासंगिकता
उदयसैनिक से सुल्तानयोग्यता-आधारित सफलता
सैन्यफ़्रांसीसी प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सेनासैन्य नवाचार
तकनीकभारत में रॉकेट का पहला उपयोगतकनीकी प्रगति
रणनीतिब्रिटिश को दो बार हरायासैन्य प्रतिभा

टीपू सुल्तान (1750-1799) [PYQ 2018]

पहलूउपलब्धिUPSC प्रासंगिकता
उपाधि"मैसूर का शेर"लोकप्रिय नाम
नवाचारलोहे के खोल वाले रॉकेटसैन्य तकनीक
प्रशासनकुशल राजस्व प्रणालीसुशासन
प्रतिरोधब्रिटिश से लड़ते हुए मारे गए (1799)वीरगति
राजधानीश्रीरंगपट्टनमप्रशासनिक केंद्र

चौथा आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) [PYQ 2018]

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
कारणटीपू का फ़्रांसीसियों से गठबंधनसामरिक खतरा
गठबंधनब्रिटिश + निज़ाम + मराठेत्रिगुट गठबंधन
घेराबंदीश्रीरंगपट्टनम की घेराबंदीअंतिम लड़ाई
परिणामटीपू सुल्तान मारे गएप्रतिरोध का अंत
विभाजनमैसूर सहयोगियों में बंटाक्षेत्रीय विभाजन

UPSC प्रीलिम्स फोकस

  • हैदर अली: पहले दो युद्धों में ब्रिटिश को हराया
  • टीपू सुल्तान: "मैसूर का शेर", 1799 में मारे गए
  • नवाचार: युद्ध में रॉकेट का पहला उपयोग
  • अंत: चौथे युद्ध ने मैसूर स्वतंत्रता समाप्त

आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1818) [PYQ 2016, 2022]

तीन युद्धों का अवलोकन

युद्धकालकारणपरिणामUPSC प्रासंगिकता
प्रथम1775-1782उत्तराधिकार विवादमराठा विजयसालबाई संधि
द्वितीय1803-1805सहायक संधिआंशिक ब्रिटिश विजयमराठा कमज़ोर
तृतीय1817-1818अंतिम प्रतिरोधपूर्ण ब्रिटिश विजयमराठों का अंत

प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
कारणपुणे में उत्तराधिकार विवादआंतरिक संघर्ष
ब्रिटिश समर्थनराघोबाकठपुतली उम्मीदवार
मराठा प्रतिरोधनाना फड़णवीस विरोध का नेतृत्वकूटनीतिक प्रतिभा
सालबाई संधि1782 - यथास्थिति बहालमराठा सफलता

द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-1805)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
गवर्नर-जनरललॉर्ड वेलेज़लीविस्तारवादी नीति
नीतिसहायक संधिनियंत्रण तंत्र
प्रमुख लड़ाइयांदिल्ली, असाई, लसवाड़ीसैन्य अभियान
परिणामआंशिक ब्रिटिश विजयमराठा महासंघ कमज़ोर

सहायक संधि प्रणाली [PYQ 2022]

विशेषताविवरणUPSC प्रासंगिकता
अवधारणालॉर्ड वेलेज़ली की नीतिनियंत्रण तंत्र
सैन्यदेशी राज्यों में ब्रिटिश सैनिकरक्षा व्यवस्था
लागतदेशी शासक सैनिकों का खर्च वहनवित्तीय बोझ
कूटनीतिस्वतंत्र विदेश संबंध नहींराजनीतिक नियंत्रण
परिणामअप्रत्यक्ष शासनप्रशासनिक नियंत्रण

तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1817-1818)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
गवर्नर-जनरललॉर्ड हेस्टिंग्सअंतिम विजय
कारणमराठा स्वतंत्रता पुनः प्राप्त करने का प्रयासअंतिम प्रतिरोध
प्रमुख व्यक्तिपेशवा बाजी राव II, अप्पा साहेबअंतिम शासक
परिणामपूर्ण ब्रिटिश विजयमराठा शक्ति का अंत
परिणाममराठा महासंघ समाप्तराजनीतिक परिवर्तन

उत्तर-पश्चिम विस्तार (1814-1849) [PYQ 2018]

आंग्ल-नेपाली युद्ध (1814-1816)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
कारणसीमा विवादक्षेत्रीय संघर्ष
नेपाली लाभगोरखा सैन्य क्षमताकड़ा प्रतिरोध
ब्रिटिश विजयबेहतर संसाधनअंतिम सफलता
संधिसुगौली (1816)शांति समझौता
परिणामहिल स्टेशन ब्रिटिश कोक्षेत्रीय लाभ

सिंध विजय (1843)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
गवर्नर-जनरललॉर्ड एलेनबरोविस्तारवादी
कमांडरसर चार्ल्स नेपियरसैन्य नेता
बहानासंधि उल्लंघनकूटनीतिक बहाना
लड़ाईमियानी की लड़ाईनिर्णायक विजय
प्रसिद्ध उद्धरण"पेक्कावी" (मैंने पाप/सिंध किया)ऐतिहासिक किस्सा

आंग्ल-सिख युद्ध (1845-1849) [PYQ 2018]

प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध (1845-1846)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
पृष्ठभूमिरणजीत सिंह की मृत्यु (1839)उत्तराधिकार संकट
सिख लाभखालसा सेनासैन्य ताकत
ब्रिटिश विजयबेहतर रणनीतिसैन्य सफलता
संधिलाहौर (1846)शांति शर्तें

द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध (1848-1849)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
कारणसिख विद्रोहअंतिम प्रतिरोध
गवर्नर-जनरललॉर्ड डलहौज़ीविलयवादी
लड़ाईगुजरात की लड़ाईनिर्णायक विजय
परिणामपंजाब का पूर्ण विलयसिख राज्य का अंत
परिणाममहाराजा दलीप सिंह निर्वासितशाही निर्वासन

UPSC जाल

अमृतसर संधि (1809): रणजीत सिंह के साथ, आंग्ल-सिख युद्धों के बाद नहीं [PYQ 2018]


विलय नीतियां [PYQ 2016, 2022]

सहायक संधि (1798-1805) [PYQ 2022]

विशेषतातंत्रUPSC प्रासंगिकता
निर्मातालॉर्ड वेलेज़लीनीति वास्तुकार
सैन्य खंडदेशी राज्य में ब्रिटिश सैनिकरक्षा नियंत्रण
वित्तीय खंडदेशी शासक सैनिकों का खर्च वहनआर्थिक बोझ
कूटनीतिक खंडस्वतंत्र विदेश संबंध नहींराजनीतिक नियंत्रण
प्रशासनिक खंडराजधानी में ब्रिटिश रेज़िडेंटप्रशासनिक निगरानी

सहायक संधि के अंतर्गत राज्य

राज्यवर्षपरिणामUPSC प्रासंगिकता
हैदराबाद1798पहला स्वीकार कियामॉडल राज्य
मैसूर1799टीपू की मृत्यु के बादजबरन स्वीकृति
तंजौर1799शांतिपूर्ण स्वीकृतिदक्षिण भारतीय राज्य
अवध1801अनिच्छुक स्वीकृतिसामरिक महत्व
पेशवा1802पराजय के बादमराठा समर्पण

व्यपगत का सिद्धांत (1848-1856) [PYQ 2016]

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
निर्मातालॉर्ड डलहौज़ीविलय नीति
सिद्धांतब्रिटिश अनुमोदन के बिना दत्तक नहींउत्तराधिकार नियंत्रण
औचित्यकुशासन रोकनाप्रशासनिक बहाना
अनुप्रयोग8 राज्य विलयव्यापक उपयोग

व्यपगत के सिद्धांत के तहत विलय किए गए राज्य

राज्यवर्षकारणUPSC प्रासंगिकता
सतारा1848कोई प्राकृतिक उत्तराधिकारी नहींपहला अनुप्रयोग
जैतपुर1849कुशासन का आरोपप्रशासनिक बहाना
सम्बलपुर1849कोई उत्तराधिकारी नहींउत्तराधिकार मुद्दा
बाघाट1850कोई उत्तराधिकारी नहींछोटा राज्य
उदयपुर1852कोई उत्तराधिकारी नहींराजपूत राज्य
झांसी1853कोई उत्तराधिकारी नहीं (रानी लक्ष्मीबाई का मामला)सबसे प्रसिद्ध
नागपुर1854कोई उत्तराधिकारी नहींबड़ा राज्य
अवध1856कुशासन (व्यपगत का सिद्धांत नहीं)अलग बहाना

UPSC जाल

अवध विलय (1856): कथित कुशासन के कारण, व्यपगत के सिद्धांत से नहीं [PYQ 2016]


प्रशासनिक नीतियां [PYQ 2020, 2022]

बंगाल में द्वैध शासन (1765-1772)

पहलूविवरणUPSC प्रासंगिकता
प्रणालीकंपनी + नवाबविभाजित अधिकार
कंपनीदीवानी (राजस्व संग्रह)आर्थिक नियंत्रण
नवाबनिज़ामत (प्रशासन, न्याय)नाममात्र अधिकार
समस्याएंअधिकार के बिना जिम्मेदारीप्रशासनिक अराजकता
अंतवॉरेन हेस्टिंग्स ने समाप्त (1772)प्रशासनिक सुधार

रेग्युलेटिंग एक्ट (1773) [PYQ 2020]

प्रावधानविवरणUPSC प्रासंगिकता
गवर्नर-जनरलवॉरेन हेस्टिंग्स (प्रथम)प्रशासनिक प्रमुख
परिषद4-सदस्यीय परिषदसामूहिक जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्टकलकत्ता में स्थापितन्यायिक प्रणाली
संसदीय नियंत्रणकंपनी संसद को जवाबदेहराजनीतिक निगरानी

पिट्स इंडिया एक्ट (1784) [PYQ 2022]

प्रावधानविवरणUPSC प्रासंगिकता
द्वैध नियंत्रणकंपनी + ताजसाझा अधिकार
बोर्ड ऑफ कंट्रोलताज का पर्यवेक्षी निकायराजनीतिक नियंत्रण
कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्सकंपनी का शासी निकायवाणिज्यिक नियंत्रण
गवर्नर-जनरलबढ़ी शक्तियांप्रशासनिक सुदृढ़ीकरण

प्रमुख व्यक्तित्व [PYQ 2018, 2019]

ब्रिटिश नेता

नेतापदउपलब्धिUPSC प्रासंगिकता
रॉबर्ट क्लाइवसैन्य कमांडरप्लासी में विजयसाम्राज्य संस्थापक
वॉरेन हेस्टिंग्सप्रथम गवर्नर-जनरलप्रशासनिक सुधारशासन
लॉर्ड वेलेज़लीगवर्नर-जनरलसहायक संधिविस्तार नीति
लॉर्ड डलहौज़ीगवर्नर-जनरलव्यपगत का सिद्धांतविलय नीति

भारतीय शासक

शासकराज्यमहत्वUPSC प्रासंगिकता
सिराजुद्दौलाबंगालप्लासी में पराजितअंतिम स्वतंत्र नवाब
हैदर अलीमैसूरब्रिटिश को दो बार हरायासैन्य प्रतिभा
टीपू सुल्तानमैसूर"मैसूर का शेर"वीरतापूर्ण प्रतिरोध
रणजीत सिंहपंजाब"पंजाब का शेर"सिख साम्राज्य निर्माता

UPSC प्रीलिम्स त्वरित तथ्य

सामान्य परीक्षा जाल

  1. प्लासी की लड़ाई: 1757 (ब्रिटिश शासन की नींव)
  2. बक्सर की लड़ाई: 1764 (प्लासी से अधिक निर्णायक)
  3. टीपू सुल्तान: चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध में मारे गए (1799)
  4. व्यपगत का सिद्धांत: लॉर्ड डलहौज़ी की नीति
  5. सहायक संधि: लॉर्ड वेलेज़ली की नीति
  6. अवध विलय: कुशासन के कारण (व्यपगत का सिद्धांत नहीं)

महत्वपूर्ण तिथियां

  • 1757: प्लासी की लड़ाई
  • 1764: बक्सर की लड़ाई
  • 1765: बंगाल की दीवानी प्रदान
  • 1799: टीपू सुल्तान मारे गए
  • 1818: मराठा शक्ति का अंत
  • 1849: पंजाब का विलय
  • 1856: अवध का विलय

प्रमुख संधियां

  • इलाहाबाद संधि (1765): दीवानी अधिकार
  • सालबाई संधि (1782): प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध
  • श्रीरंगपट्टनम संधि (1792): तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध
  • लाहौर संधि (1846): प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध
  • अमृतसर संधि (1809): रणजीत सिंह के साथ

प्रशासनिक शब्द

  • दीवानी: राजस्व संग्रह अधिकार
  • निज़ामत: प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार
  • सहायक संधि: अप्रत्यक्ष नियंत्रण तंत्र
  • व्यपगत का सिद्धांत: विलय नीति
  • द्वैध शासन: कंपनी + नवाब प्रणाली

सैन्य शब्द

  • सिपाही: ब्रिटिश सेना में भारतीय सैनिक
  • खालसा: सिख सेना
  • रॉकेट: टीपू द्वारा सैन्य नवाचार
  • तोपखाना: लड़ाइयों में ब्रिटिश लाभ

UPSC PYQ विश्लेषण 2016-2023 पर आधारित