ब्रिटिश भारत का उदय (1766-1818)
UPSC प्रीलिम्स फोकस | विस्तार और समेकन
PYQs 🚨
सबसे परीक्षित विषय (2015-2023):
- रेग्युलेटिंग एक्ट (1773) और पिट्स इंडिया एक्ट (1784)
- वॉरेन हेस्टिंग्स और उनके सुधार
- सहायक संधि प्रणाली (वेलेज़ली)
- मैसूर युद्ध (विशेषकर चौथा - टीपू सुल्तान)
- मराठा युद्ध (विशेषकर तृतीय - अंतिम पराजय)
- स्थायी बंदोबस्त (1793) और अन्य राजस्व प्रणालियां
- प्रमुख लड़ाइयां और संधियां
संवैधानिक ढांचा 🚨
रेग्युलेटिंग एक्ट (1773)
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| पृष्ठभूमि | दीवानी के बाद कंपनी वित्तीय संकट |
| गवर्नर-जनरल | बंगाल के लिए बना (वॉरेन हेस्टिंग्स प्रथम) |
| परिषद | 4 सदस्य (अक्सर GG को बाधित) |
| सुप्रीम कोर्ट | कलकत्ता में स्थापित (1774) |
| कमज़ोरी | GG को परिषद बाहर कर सकती |
पिट्स इंडिया एक्ट (1784) 🚨
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| बोर्ड ऑफ कंट्रोल | 6 सदस्य (2 कैबिनेट मंत्री) |
| द्वैध प्रणाली | ताज (राजनीति) + कंपनी (वाणिज्य) |
| गवर्नर-जनरल | विशेष मामलों में परिषद को ओवरराइड |
| अधीनता | बॉम्बे, मद्रास बंगाल के अधीन |
वॉरेन हेस्टिंग्स युग (1772-1785) 🚨
प्रशासनिक सुधार
| वर्ष | सुधार | महत्व |
|---|---|---|
| 1772 | द्वैध शासन समाप्त | राजस्व पर कंपनी का प्रत्यक्ष नियंत्रण |
| 1772 | न्यायिक सुधार | दीवानी और फौजदारी अदालतें स्थापित |
प्रमुख युद्ध
| युद्ध | काल | परिणाम |
|---|---|---|
| रोहिल्ला युद्ध | 1774-78 | रोहिल्लों के विरुद्ध अवध की सहायता |
| प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध | 1775-82 | सालबाई संधि (20 वर्ष शांति) |
| द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध | 1780-84 | मंगलौर संधि (समान शर्तें) |
कॉर्नवालिस युग (1786-1793) 🚨
स्थायी बंदोबस्त (1793) 🚨
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्र | बंगाल, बिहार, उड़ीसा |
| प्रणाली | ज़मींदार स्थायी मालिक बने |
| राजस्व | ₹2.68 करोड़ स्थायी रूप से निर्धारित |
| सनसेट कानून | सूर्यास्त तक भुगतान या भूमि नीलाम |
| उद्देश्य | वफादार भू-स्वामी वर्ग बनाना |
तृतीय आंग्ल-मैसूर युद्ध (1790-92)
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कारण | टीपू ने त्रावणकोर पर हमला (ब्रिटिश सहयोगी) |
| गठबंधन | ब्रिटिश, मराठे, निज़ाम बनाम टीपू |
| संधि | श्रीरंगपट्टनम (1792) |
| परिणाम | टीपू ने आधा क्षेत्र खोया, ₹3.3 करोड़ भुगतान |
वेलेज़ली युग (1798-1805) 🚨
सहायक संधि प्रणाली
| शर्तें | विवरण |
|---|---|
| ब्रिटिश रेज़िडेंट | शासक के दरबार में (निगरानी) |
| ब्रिटिश सैनिक | शासक द्वारा रखरखाव (महंगा) |
| अपनी सेना | भंग (सैन्य कमज़ोरी) |
| विदेश नीति | ब्रिटिश नियंत्रण |
संधि स्वीकारने वाले राज्य
| वर्ष | राज्य | परिस्थिति |
|---|---|---|
| 1798 | हैदराबाद | टीपू सुल्तान का डर |
| 1799 | मैसूर | टीपू की पराजय के बाद |
| 1801 | अवध | जबरन संधि |
| 1802 | पेशवा | बेसिन संधि |
चौथा आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) 🚨
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 17 अप्रैल - 4 मई 1799 | श्रीरंगपट्टनम की घेराबंदी |
| 4 मई 1799 | टीपू सुल्तान मारे गए |
| परिणाम | मैसूर ब्रिटिश, निज़ाम, वोडेयारों में विभाजित |
लॉर्ड हेस्टिंग्स युग (1813-1823)
तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1817-18) 🚨
| तिथि | लड़ाई | परिणाम |
|---|---|---|
| 3 नवंबर 1817 | सीताबल्दी | भोंसले पराजित |
| 21 दिसंबर 1817 | महिदपुर | होलकर पराजित |
| 1 जनवरी 1818 | कोरेगांव | 500 ने 20,000 को रोका |
| जून 1818 | पेशवा समर्पण | पेशवा पद समाप्त |
महत्व
- मराठा शक्ति का अंत - अंतिम प्रमुख प्रतिरोध कुचला
- ब्रिटिश वर्चस्व पूरे भारत पर स्थापित
- पेशवा बाजी राव II बिठूर निर्वासित (नाना साहब दत्तक)
प्रमुख संधियां 🚨
| वर्ष | संधि | पक्ष | महत्व |
|---|---|---|---|
| 1782 | सालबाई | ब्रिटिश-मराठे | 20 वर्ष शांति |
| 1784 | मंगलौर | ब्रिटिश-टीपू | समान शर्तें (अद्वितीय) |
| 1792 | श्रीरंगपट्टनम | ब्रिटिश-टीपू | टीपू ने आधा क्षेत्र खोया |
| 1802 | बेसिन | ब्रिटिश-पेशवा | पेशवा ने संरक्षण स्वीकारा |
| 1809 | अमृतसर | ब्रिटिश-रणजीत सिंह | सतलज सीमा |
प्रमुख व्यक्तित्व 🚨
ब्रिटिश अधिकारी
| नाम | काल | प्रमुख उपलब्धि |
|---|---|---|
| वॉरेन हेस्टिंग्स | 1772-85 | प्रथम GG, समेकन |
| लॉर्ड कॉर्नवालिस | 1786-93 | स्थायी बंदोबस्त, सुधार |
| लॉर्ड वेलेज़ली | 1798-1805 | सहायक संधि, टीपू पराजित |
| लॉर्ड हेस्टिंग्स | 1813-23 | मराठों की अंतिम पराजय |
भारतीय शासक
| नाम | राज्य | महत्व |
|---|---|---|
| टीपू सुल्तान | मैसूर | "मैसूर का शेर", वीरगति (1799) |
| नाना फड़णवीस | मराठा | कूटनीतिक प्रतिभा, "मराठा माकियावेली" |
| बाजी राव II | मराठा | अंतिम पेशवा, कमज़ोर शासक |
त्वरित संदर्भ
संवैधानिक: रेग्युलेटिंग एक्ट (1773) → पिट्स इंडिया एक्ट (1784) → चार्टर एक्ट (1813) युद्ध: मैसूर (4 युद्ध, 1799 समाप्त) → मराठा (3 युद्ध, 1818 समाप्त) राजस्व: स्थायी (बंगाल) → रैयतवाड़ी (मद्रास) → महलवाड़ी (NWP)
उच्च-आवृत्ति विषय
- रेग्युलेटिंग एक्ट 1773: प्रथम GG, वॉरेन हेस्टिंग्स, सुप्रीम कोर्ट
- सहायक संधि: वेलेज़ली की प्रणाली, शर्तें, प्रभाव
- टीपू सुल्तान: चौथा मैसूर युद्ध, 4 मई 1799 मारे गए
- तृतीय मराठा युद्ध: 1817-18, पेशवा पद समाप्त