ब्रिटिश शासन के विरुद्ध जनता का प्रतिरोध (1857 से पहले)
UPSC प्रीलिम्स फोकस | नागरिक, किसान और जनजातीय विद्रोह
PYQs 🚨
सबसे परीक्षित विषय (2015-2023):
- संथाल विद्रोह (सिद्धू-कान्हू, 1855-56)
- पाइका विद्रोह (1817) - ओडिशा का पहला युद्ध
- बिरसा मुंडा उलगुलान (1899-1900)
- नील विद्रोह (1859-60) और नील दर्पण
- वेल्लोर विद्रोह (1806) - पहला सिपाही विद्रोह
- जनजातीय आंदोलन और उनके कारण
1857 से पहले विद्रोहों का वर्गीकरण 🚨
प्रतिरोध के प्रकार
| प्रकार | नेता | विरुद्ध | प्रकृति |
|---|---|---|---|
| नागरिक विद्रोह | विस्थापित शासक, ज़मींदार | प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन | राजनीतिक |
| किसान आंदोलन | किसान नेता | राजस्व, बागान मालिक, साहूकार | आर्थिक |
| जनजातीय विद्रोह | जनजातीय प्रमुख | बाहरी (दिकू), वन कानून | सामाजिक-आर्थिक |
प्रमुख नागरिक विद्रोह
वेल्लोर विद्रोह (1806) 🚨
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| तिथि | 10 जुलाई 1806 |
| स्थान | वेल्लोर, तमिलनाडु |
| कारण | नए पोशाक नियम, जाति चिह्नों पर प्रतिबंध |
| महत्व | पहला प्रमुख सिपाही विद्रोह, 1857 का पूर्वगामी |
पाइका विद्रोह (1817) 🚨
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| स्थान | खुर्दा, ओडिशा |
| नेता | बक्शी जगबंधु विद्याधर |
| पाइका कौन थे | गजपति राजाओं की सेवा करने वाला वंशानुगत सैन्य वर्ग |
| महत्व | ओडिशा का पहला स्वतंत्रता संग्राम |
प्रमुख किसान आंदोलन
नील विद्रोह (1859-60) 🚨
तीनकठिया प्रणाली
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| अर्थ | 3/20 भूमि पर नील उगाना अनिवार्य |
| भुगतान | बाज़ार मूल्य का 2.5% |
| अग्रिम (दादन) | जबरन ऋण से बंधन |
विद्रोह
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| नेता | दिगम्बर विश्वास, बिष्णु विश्वास |
| विधियां | पूर्ण इनकार, सामाजिक बहिष्कार |
नील दर्पण (1860)
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| लेखक | दीनबंधु मित्र |
| अनुवादक | माइकल मधुसूदन दत्त |
| प्रकाशक | रेव. जेम्स लॉन्ग (1 माह कारावास) |
| प्रभाव | बागान मालिकों के अत्याचार उजागर |
प्रमुख जनजातीय विद्रोह 🚨
जनजातीय विद्रोहों की सामान्य विशेषताएं
- वनों पर पारंपरिक अधिकारों का नुकसान
- बाहरियों (दिकू) का अतिक्रमण
- नई भूमि राजस्व प्रणाली
- साहूकारों द्वारा शोषण
- जबरन श्रम (बेगार)
संथाल विद्रोह (1855-56) 🚨
चार भाई (नेता)
| भाई | भूमिका |
|---|---|
| सिद्धू मुर्मू | राजनीतिक नेता, "राजा" घोषित |
| कान्हू मुर्मू | सैन्य कमांडर |
| चांद | आध्यात्मिक अधिकार |
| भैरव | सलाहकार |
प्रमुख विवरण
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्र | संथाल परगना (झारखंड/पश्चिम बंगाल) |
| जनसंख्या | 4,00,000+ संथाल शामिल |
| घोषणा | "हूल" (मुक्ति/क्रांति) |
कारण
- दिकू (बाहरी): साहूकार (50-500% ब्याज), ज़मींदार, व्यापारी
- ऋण के लिए बंधुआ मजदूरी (कमिआउती)
- महिलाओं का यौन शोषण
- रेलवे निर्माण (जबरन श्रम)
परिणाम
- संथाल परगना अधिनियम 1855: अलग गैर-विनियमन जिला
- 30 जून: हूल दिवस (वार्षिक स्मरण)
बिरसा मुंडा उलगुलान (1899-1900) 🚨
नेता
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| नाम | बिरसा मुंडा (1875-1900) |
| उपाधि | "धरती आबा" (पृथ्वी के पिता) |
| क्षेत्र | छोटानागपुर पठार (रांची) |
| मृत्यु | 9 जून 1900, रांची जेल |
कारण
| शिकायत | विवरण |
|---|---|
| बेथ-बेगारी | जबरन अवैतनिक श्रम |
| खुंटकट्टी | पारंपरिक भूमि अधिकार अस्वीकृत |
| वन कानून | पूर्वजों के वन में प्रवेश प्रतिबंधित |
विरासत
- छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट 1908: खुंटकट्टी अधिकार बहाल
- 15 नवंबर: बिरसा मुंडा जयंती
- संसद चित्र: केंद्रीय हॉल में एकमात्र जनजातीय नेता
त्वरित संदर्भ तालिका 🚨
प्रमुख 1857 से पहले विद्रोह
| विद्रोह | वर्ष | क्षेत्र | नेता | प्रकार |
|---|---|---|---|---|
| वेल्लोर विद्रोह | 1806 | तमिलनाडु | सिपाही | नागरिक |
| पाइका विद्रोह | 1817 | ओडिशा | जगबंधु | नागरिक |
| कोल विद्रोह | 1831-32 | झारखंड | बुद्धू भगत | जनजातीय |
| संथाल विद्रोह | 1855-56 | झारखंड | सिद्धू-कान्हू | जनजातीय |
| नील विद्रोह | 1859-60 | बंगाल | दिगम्बर विश्वास | किसान |
| मुंडा उलगुलान | 1899-1900 | झारखंड | बिरसा मुंडा | जनजातीय |
प्रमुख शब्द और अवधारणाएं
महत्वपूर्ण शब्द
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| दिकू | बाहरी (गैर-जनजातियों के लिए जनजातीय शब्द) |
| हूल | मुक्ति/क्रांति (संथाल शब्द) |
| तीनकठिया | नील खेती के लिए 3/20 भूमि |
| बेथ-बेगारी | जबरन अवैतनिक श्रम |
| खुंटकट्टी | पारंपरिक जनजातीय भूमि अधिकार |
| उलगुलान | महान विद्रोह (मुंडा शब्द) |
त्वरित संदर्भ
जनजातीय नायक: सिद्धू-कान्हू (संथाल), बिरसा मुंडा (मुंडा), बुद्धू भगत (कोल) किसान आंदोलन: नील (बंगाल), दक्कन दंगे (महाराष्ट्र), मापिला (केरल) नागरिक विद्रोह: वेल्लोर (1806), पाइका (1817), वहाबी (1820s-70s)
उच्च-आवृत्ति विषय
- संथाल विद्रोह: सिद्धू-कान्हू, हूल, 30 जून 1855
- बिरसा मुंडा: धरती आबा, उलगुलान, छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट
- नील विद्रोह: नील दर्पण, दीनबंधु मित्र, रेव. जेम्स लॉन्ग
- पाइका विद्रोह: जगबंधु, ओडिशा का पहला स्वतंत्रता संग्राम