भारतीय अर्थव्यवस्था: अवधारणा एवं संरचना
अर्थव्यवस्था - एक परिचय
- लियोनेल रॉबिन के अनुसार: 'अर्थशास्त्र वह विज्ञान है, जो साध्यों तथा वैकल्पिक उपयोग वाले सीमित साधनों के सम्बन्ध के रूप में मानव व्यवहार का अध्ययन करता है।'
- परिभाषा: अर्थशास्त्र वह अध्ययन है जिसमें लोग और समाज दुर्लभ संसाधनों के वैकल्पिक उपयोग का चयन करते हैं ताकि वस्तुओं का उत्पादन और समाज में वितरण किया जा सके।
विभिन्न आर्थिक प्रणालियाँ
- आदिम (Primitivism): व्यक्तिगत स्तर पर बुनियादी आवश्यकताओं का उत्पादन।
- सामंतवाद (Feudalism): भूमि स्वामियों और काश्तकारों के बीच उत्पादन का संबंध।
- पूँजीवादी (Capitalist Economy): बाजार और क्रय शक्ति के आधार पर वितरण।
- समाजवादी (Socialist Economy): सरकार द्वारा समाज की आवश्यकताओं के आधार पर निर्धारण।
- मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy): सरकारी और निजी क्षेत्रों का सह-अस्तित्व (भारतीय मॉडल)।
भारतीय अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ
- मध्यम आय विकासशील बाजार अर्थव्यवस्था: भारत इसी श्रेणी में आता है (GNI के आधार पर)।
- आर्थिक उदारीकरण (1991): FDI और लाइसेंस राज की समाप्ति के साथ अर्थव्यवस्था का खुलापन।
- असमतुल्यता (Inequality): विश्व का दूसरा सबसे असमान देश (ऑक्सफैम के अनुसार शीर्ष 10% के पास 77% संपत्ति)।
- जनसांख्यिकीय लाभांश: 62.5% जनसंख्या कामकाजी आयु (15-59 वर्ष) में है, जो 2030 तक 68.9% होने का अनुमान है।
- कृषि की प्रधानता: लगभग 20.2% GVA योगदान और 53% आबादी की आजीविका का आधार।
भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियाँ
- निम्न प्रति व्यक्ति आय: प्रति व्यक्ति GDP लगभग 2,000 डॉलर (2019)।
- बेरोजगारी: विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में प्रच्छन्न (Hidden) बेरोजगारी।
- अवसंरचना अंतर: विश्व बैंक के अनुसार प्रति दिन 1 अरब डॉलर के वित्तपोषण की आवश्यकता।
- जलवायु परिवर्तन: आपदाओं के कारण सालाना $9-10 अरब का नुकसान।
भारत का आर्थिक प्रदर्शन - प्रमुख डेटा बिंदु (2014-2025)
जीडीपी वृद्धि
सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था:
- 2025-26 अनुमान: 6.3% से 6.8% (सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था - आईएमएफ)
- भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने का अनुमान
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई)
एफडीआई प्रदर्शन:
- सकल एफडीआई प्रवाह: अप्रैल 2020 से 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर पार (सितंबर 2024)
- वित्त वर्ष 2024-25 (एच1): 42+ बिलियन अमेरिकी डॉलर
- वृद्धि (एच1 वित्त वर्ष 2024-25): 26% की छलांग
- रक्षा एफडीआई: स्वचालित मार्ग के माध्यम से 74% की अनुमति
निर्यात
रिकॉर्ड निर्यात प्रदर्शन:
- कुल निर्यात (वित्त वर्ष 2024-25): 824.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर (वस्तुएं + सेवाएं)
- 2013-14: 466.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- गैर-पेट्रोलियम निर्यात (वित्त वर्ष 2024-25): 374.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर (सर्वकालिक उच्च)
क्षेत्रीय निर्यात प्रदर्शन:
- इंजीनियरिंग निर्यात:
- 2014-15: 73 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- वित्त वर्ष 2024-25: 117 बिलियन अमेरिकी डॉलर
- इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात (वित्त वर्ष 2024-25): 38+ बिलियन अमेरिकी डॉलर (32% की छलांग)
- रेडीमेड गारमेंट्स: 2024-25 में 10% वृद्धि
विनिर्माण
मोबाइल फोन उत्पादन:
- 2014-15: ~60 मिलियन यूनिट
- 2023-24: ~330 मिलियन यूनिट
- वृद्धि: 5 गुना वृद्धि
- स्थिति: शुद्ध आयातक से वैश्विक विनिर्माण केंद्र तक
उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना
पीएलआई प्रदर्शन:
- कुल निवेश: ₹1.61 लाख करोड़
- उत्पादन: ₹14 लाख करोड़
- निर्यात: ₹5.31 लाख करोड़
- रोजगार सृजन: 11.5 लाख नौकरियां
एमएसएमई क्षेत्र
ऋण सहायता:
- ईसीएलजीएस (आपातकालीन ऋण लाइन गारंटी योजना): ₹3.68 लाख करोड़ से अधिक स्वीकृत
- लाभार्थी: 1 करोड़ से अधिक एमएसएमई को बंद होने से बचाया
- एमसीजीएस-एमएसएमई: गारंटी कवर ₹100 करोड़ तक बढ़ाया गया
मुद्रा योजना:
- कुल ऋण: 52.5+ करोड़ ऋण
- राशि: ₹33.8 लाख करोड़ से अधिक
- महिला लाभार्थी: 68% (35.38 करोड़ ऋण ₹14.72 लाख करोड़ मूल्य के)
- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग: 50% से अधिक ऋण
स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र
स्टार्टअप इंडिया:
- मान्यता प्राप्त स्टार्टअप: 1.6+ लाख
- प्रत्यक्ष रोजगार सृजन: 17.6 लाख+
- डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त टेक स्टार्टअप (2017-24): 4.8 लाख+ प्रत्यक्ष नौकरियां
- वैश्विक रैंकिंग: तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र
- महिला उद्यमी: 50,000+ स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र
बैंकिंग क्षेत्र स्वास्थ्य:
- सकल एनपीए (जीएनपीए): दिसंबर 2024 में 2.6% तक गिरा - 12 साल का निम्नतम
- सुधार: 2014 पूर्व स्तरों से पर्याप्त गिरावट
जन धन योजना:
- खोले गए खाते: 55.22 करोड़
- उद्देश्य: वित्तीय समावेशन
डिजिटल भुगतान:
- यूपीआई लेनदेन (मार्च 2025): 1,830.151 करोड़ लेनदेन ₹24.77 लाख करोड़ मूल्य के
- यूपीआई उपयोगकर्ता: लगभग 460 मिलियन व्यक्ति
- यूपीआई व्यापारी: 65 मिलियन व्यापारी
- वैश्विक हिस्सा: वैश्विक रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन का 49% (एसीआई वर्ल्डवाइड रिपोर्ट 2024)
बुनियादी ढांचा
राष्ट्रीय राजमार्ग:
- 2014: 91,287 किमी
- मार्च 2025: 1,46,204 किमी
- वृद्धि: 60% वृद्धि
हवाई अड्डे:
- 2014: 74 परिचालन हवाई अड्डे
- मार्च 2025: 160 परिचालन हवाई अड्डे (145 हवाई अड्डे + 2 जल हवाई अड्डे + 13 हेलीपोर्ट)
- वृद्धि: दोगुने से अधिक
मेट्रो रेल:
- 2014: 5 शहर
- 2025: 23 शहर
कर सुधार
जीएसटी संग्रह:
- जीएसटी संग्रह में पर्याप्त वृद्धि
- अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण में वृद्धि
आयकर:
- रिटर्न दाखिल:
- वित्त वर्ष 2013-14: 3.3 करोड़
- वित्त वर्ष 2023-24: 8.09 करोड़
- नई कर व्यवस्था (वित्त वर्ष 2025-26): ₹12.75 लाख आय तक कोई कर नहीं
कॉर्पोरेट कर:
- विनिर्माण इकाइयां: 15% कर दर विकल्प (2024 तक विस्तारित)
- नई कॉर्पोरेट कर संरचना: 22% आधार दर (छूट के बिना)
शेयर बाजार
आईपीओ प्रदर्शन:
- 2024-25: भारतीय कॉर्पोरेट्स ने आईपीओ के माध्यम से सर्वकालिक उच्च ₹1,62,387 करोड़ जुटाए
कोविड-19 आर्थिक पैकेज
आत्मनिर्भर भारत पैकेज:
- कुल पैकेज: ₹29.8 लाख करोड़
- उद्देश्य: महामारी के दौरान आर्थिक सुधार
सहकारी क्षेत्र
पैक्स डिजिटलीकरण:
- बजट: कम्प्यूटरीकरण के लिए ₹2,516 करोड़
- पैक्स एकीकृत: राष्ट्रीय ईआरपी सॉफ्टवेयर पर 50,455 पैक्स
एनसीडीसी ऋण वितरण:
- राशि: ₹95,000 करोड़ तक बढ़ा
राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल):
- सदस्य: 8,510 सहकारी समितियां
- निर्यात: ₹3,934 करोड़ (31 कृषि वस्तुएं)
- शुद्ध लाभ (वित्त वर्ष 2023-24): ₹726.40 करोड़
- लाभांश: पहले वर्ष में 20%
रोजगार
ईपीएफओ ग्राहक:
- नए ग्राहक (सितंबर 2017-फरवरी 2025): 8.59 करोड़
- वित्त वर्ष 2021-22: 1.09 करोड़ नए खाते (महामारी के बावजूद)
- युवा (18-28 वर्ष, अप्रैल 2020 से): 3.45+ करोड़ जोड़े गए
रोजगार मेला:
- लक्ष्य: 10 लाख केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए भर्ती अभियान
नौकरी जॉब स्पीक इंडेक्स:
- अप्रैल 2025: 2,878 अंक (अप्रैल 2021 से 39% वृद्धि)
इंटरनेट और डिजिटल
इंटरनेट कनेक्टिविटी:
- वृद्धि: इंटरनेट कनेक्शन में 285.77% (97.02 करोड़) वृद्धि
- लागत में कमी: इंटरनेट डेटा लागत में 97% गिरावट
- भारतनेट: ऑप्टिकल फाइबर द्वारा 2.14 लाख ग्राम पंचायतें जुड़ीं
- 5जी रोलआउट: केवल 22 महीनों में 99.6% जिले कवर
रक्षा क्षेत्र
रक्षा निर्यात:
- 2016-17: ₹1,521 करोड़
- 2024-25: ₹23,622 करोड़
- वृद्धि: 15.5 गुना वृद्धि (2014 से 34 गुना वृद्धि)
घरेलू उत्पादन:
- वित्त वर्ष 2025-26: रक्षा पूंजी अधिग्रहण बजट का 75% घरेलू उत्पादन के लिए आवंटित
- सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची: 5,000+ वस्तुएं
आईडीईएक्स (रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार):
- खरीद: स्टार्टअप और एमएसएमई से ₹2,400+ करोड़ मूल्य की 43 वस्तुएं
सामाजिक कल्याण योजनाएं
पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना:
- लाभार्थी: 81 करोड़ लोग
- विस्तार: 5 वर्ष (विश्व की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजना)
आयुष्मान भारत:
- स्वास्थ्य खाते: 77+ करोड़ बनाए गए
- अस्पताल में भर्ती: 9+ करोड़ (₹1.3+ लाख करोड़ मूल्य के उपचार)
पीएम आवास योजना:
- पूर्ण किए गए घर: 4 करोड़ से अधिक
- महिला स्वामित्व: पीएमएवाई-ग्रामीण घरों का 73% महिलाओं के एकमात्र/संयुक्त मालिक के रूप में
उज्ज्वला योजना:
- एलपीजी कनेक्शन: 10.33 करोड़ से अधिक
जल जीवन मिशन:
- नल जल कनेक्शन: 15.62 करोड़ परिवार
स्वच्छ भारत:
- शौचालय निर्मित: 12 करोड़
- ओडीएफ शहर: सभी शहर अब खुले में शौच मुक्त
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी):
- संचयी हस्तांतरण (2014 से): ₹43.8 लाख करोड़ से अधिक
जीडीपी वृद्धि अनुमान और वैश्विक सहमति (2025-26)
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25: 6.3% से 6.8%
भारत के लिए वैश्विक संस्थानों के पूर्वानुमान (2025):
- आईएमएफ विश्व आर्थिक आउटलुक: भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अनुमानित
- भारत को वैश्विक स्तर पर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली के रूप में पहचाना गया
- वैश्विक सहमति: सभी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संस्थान भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अनुमानित करते हैं
तुलनात्मक वृद्धि (आईएमएफ 2025 पूर्वानुमान):
- भारत वृद्धि अनुमानों में प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी
- विकसित अर्थव्यवस्थाओं से काफी आगे
- उभरते बाजार वृद्धि में अग्रणी
ऐतिहासिक जीडीपी वृद्धि प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2023-24 (प्रथम अग्रिम अनुमान): 7.3%
- वित्त वर्ष 22 में 9.1% और वित्त वर्ष 23 में 7.2% के बाद
- महामारी के बाद त्रिवर्षीय (वित्त वर्ष 22-वित्त वर्ष 24): औसत 7.9% वृद्धि
दशकीय वृद्धि औसत:
- 1952-60: 3.9%
- 1960 का दशक: 4.1%
- 1970 का दशक: 2.9% (आपातकाल, तेल संकट, रुपया अवमूल्यन से प्रभावित)
- 1980 का दशक: 5.7% (मामूली उदारीकरण, सरकारी खर्च)
- 1990 का दशक: 5.8% (भुगतान संतुलन संकट के बाद सुधार)
- 2000 का दशक: 6.3%
- 2014 पूर्व (2009-14): लगातार दो वर्षों के लिए 5% से नीचे (2012-13, 2013-14)
- वित्त वर्ष 15-वित्त वर्ष 19: 7.1% (विनिर्माण त्वरण)
- वित्त वर्ष 15-वित्त वर्ष 23: 3.7% (कृषि क्षेत्र औसत)
भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति:
- 1700: विश्व आय का 22.6%
- 1952: विश्व आय का 3.8%
- 2014: 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
- 2024: 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
प्रति व्यक्ति आय वृद्धि
प्रति व्यक्ति वास्तविक जीएनआई:
- सीएजीआर (वित्त वर्ष 12-वित्त वर्ष 20): 5.3%
- बाजार-अनुकूल सुधारों द्वारा संचालित मजबूत महामारी पूर्व वृद्धि
क्षेत्रीय जीवीए हिस्सा (मात्रा के संदर्भ में)
विनिर्माण:
- वित्त वर्ष 14: 17.2%
- वित्त वर्ष 18: 18.4% (मेक इन इंडिया प्रभाव)
- वित्त वर्ष 24 (अग्रिम अनुमान): 17.7% (पीएलआई योजनाओं का समर्थन)
निर्माण:
- वित्त वर्ष 14: 8.8%
- वित्त वर्ष 24: 8.7% (रियल एस्टेट सुधार और महामारी के बाद सुधार)
सेवाएं:
- वित्त वर्ष 14: 51.1%
- वित्त वर्ष 24: 54.6% (महामारी के बाद गैर-संपर्क सेवाओं में वृद्धि)
निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई)
जीडीपी में हिस्सा (वर्तमान मूल्य):
- वित्त वर्ष 12-वित्त वर्ष 19 (औसत): 58.4%
- वित्त वर्ष 22-वित्त वर्ष 24 (औसत): 60.8%
- पीएफसीई कोविड के बाद प्रमुख वृद्धि चालक के रूप में उभरा
पीएफसीई घटक वृद्धि (वित्त वर्ष 22):
- टिकाऊ वस्तुएं: 22%
- अर्ध-टिकाऊ वस्तुएं: 21.3%
- सेवाएं: दोहरे अंक की वृद्धि (लॉकडाउन के बाद सुधार)
निवेश प्रदर्शन
निवेश दर (जीएफसीएफ/जीडीपी):
- बैलेंस शीट सफाई के बाद बेहतर प्रक्षेपवक्र
- दूसरे दशक में गिरावट के बाद पिछले तीन वर्षों में बढ़ रहा है
गैर-खाद्य बैंक ऋण वृद्धि (व्यक्तिगत ऋण को छोड़कर):
- वित्त वर्ष 08: 20% से ऊपर
- वित्त वर्ष 16: 10% से नीचे
- वित्त वर्ष 23: 13%
सार्वजनिक क्षेत्र पूंजीगत व्यय:
- वित्त वर्ष 15: ₹5.6 लाख करोड़
- वित्त वर्ष 24 (बीई): ₹18.6 लाख करोड़
- वृद्धि: 3.3 गुना वृद्धि (केंद्रीय पूंजीगत व्यय के लिए 5.1 गुना, राज्य अनुदान के लिए 2.8 गुना, सार्वजनिक उपक्रमों के लिए 2.1 गुना)
कुल व्यय के % के रूप में केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय:
- वित्त वर्ष 18: 12%
- वित्त वर्ष 24 (बीई): 22%
निजी गैर-वित्तीय कंपनियों का पूंजीगत व्यय वृद्धि:
- वित्त वर्ष 22: 28%
- वित्त वर्ष 23: 23%
- एच1 वित्त वर्ष 24: 10%
पूंजीगत वस्तुएं और बुनियादी ढांचा सूचकांक (वित्त वर्ष 23):
- पूंजीगत वस्तु सूचकांक: 12.9% वृद्धि
- बुनियादी ढांचा/निर्माण वस्तुएं: 8.4% वृद्धि
- वित्त वर्ष 24 (नवंबर तक): क्रमशः 7.5% और 11.1%
आवास और रियल एस्टेट
रियल एस्टेट मूल्य वृद्धि (औसत वार्षिक):
- वित्त वर्ष 22: 2.3%
- वित्त वर्ष 23: 3.8%
- एच1 वित्त वर्ष 24: 4.3%
आवास के लिए बैंक ऋण (जीडीपी के % के रूप में):
- घरेलू निवेश का समर्थन करने वाली निरंतर वृद्धि
कर प्रदर्शन संकेतक
सकल कर राजस्व-जीडीपी अनुपात:
- वित्त वर्ष 2024-25: 11.9%
- वित्त वर्ष 2025-26 (अनुमानित): 12.0%
जीएसटी संग्रह:
- अप्रैल 2025: सर्वकालिक उच्च मासिक जीएसटी संग्रह प्राप्त
- मजबूत आर्थिक पुनरुद्धार का संकेत
प्रमुख आर्थिक सुधार (2014-2025)
कराधान सुधार:
- वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) की शुरुआत
- कॉर्पोरेट कर संरचना को तर्कसंगत और सरलीकृत किया गया
- नई घरेलू विनिर्माण कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर 15% तक कम
- मौजूदा कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट कर 30% से घटाकर 22% किया गया
- पूर्वव्यापी कराधान समाप्त
- एंजेल टैक्स हटाया गया
क्षेत्रीय सुधार:
- वाणिज्यिक कोयला खनन खोला गया
- अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र में निजी निवेश की अनुमति
- भारत के एफडीआई नियमों में सुधार
- रणनीतिक विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण
- श्रम कानून सुधार (4 नए श्रम संहिता)
- दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी)
व्यापार करने में आसानी
विश्व बैंक रैंकिंग:
- 2014: 142वीं स्थिति
- 2019: 63वीं स्थिति
- वृद्धि: 79 रैंक सुधार
लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन:
- विश्व बैंक एलपीआई 2023: 38वीं रैंक (139 देशों में)
- 6 स्थान चढ़े
- पीएम गति शक्ति और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति द्वारा संचालित
प्रमुख मील के पत्थर:
- पूर्वव्यापी कर निरस्त
- कंपनी अधिनियम के तहत 81 में से 50 समझौता योग्य अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया
- एसपीआईसीई+ फॉर्म 10 सेवाओं को एक फॉर्म में बंडल करता है
- पंजीकृत कंपनियां (2023-24): 1.80+ लाख (2022-23 से 16% वृद्धि)
- एंजेल टैक्स निरस्त
- अनुपालन तर्कसंगत: केंद्र और राज्य सरकारों में 45,051
- पुराने कानून निरस्त: 1,500+
- आसान अनुपालन के लिए राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली
- अपराधीकरण समाप्त: 3,600 अनुपालन अपराध की श्रेणी से बाहर
- जन विश्वास संशोधन विधेयक 2023: 42 केंद्रीय अधिनियमों में 183 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का प्रस्ताव
बौद्धिक संपदा:
- पेटेंट प्रदान: सत्रह गुना वृद्धि
- 2014-15: 5,978
- 2023-24: 1,03,057
लॉजिस्टिक्स लागत में कमी:
- वित्त वर्ष 14-वित्त वर्ष 22: जीडीपी के 0.8-0.9 प्रतिशत अंक की गिरावट (एनसीएईआर अध्ययन दिसंबर 2023)
- जीएसटी के बाद ट्रक लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, प्रति दिन यात्रा की गई दूरी में वृद्धि
- बंदरगाह टर्नअराउंड समय: 4.2 दिन (वित्त वर्ष 04-वित्त वर्ष 14) से घटकर 2.9 दिन (वित्त वर्ष 14-वित्त वर्ष 22)
जीईएम पोर्टल सफलता
सरकारी ई-मार्केटप्लेस:
- कुल आदेश (मार्च 2025 तक): 2.83 करोड़ आदेश ₹13.41 लाख करोड़ मूल्य के
- वित्त वर्ष 2024-25: वार्षिक खरीद ₹5.4 लाख करोड़
- पंजीकृत विक्रेता: 22+ लाख विक्रेता
- 29,000+ स्टार्टअप
- 1.8 लाख महिला नेतृत्व वाले व्यवसाय
- कवरेज: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 100%
- एमएसएमई खरीद: 37% से अधिक
- लेनदेन शुल्क: 97% लेनदेन शुल्क मुक्त
प्रगति मंच प्रभाव
परियोजना निगरानी:
- जून 2014 से: ₹49.4 लाख करोड़ मूल्य की 2,169 परियोजनाएं शामिल
- चालू: ₹12.2 लाख करोड़ मूल्य की 676 परियोजनाएं
- समीक्षा की गई परियोजनाएं: समय पर पूर्णता के लिए 363 से अधिक परियोजनाएं
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी)
कवरेज:
- प्रदर्शित उत्पाद: 1,240 अद्वितीय उत्पाद
- कवर किए गए जिले: 773 जिले
- जीईएम श्रेणियां: 500+ श्रेणियां
- प्रभाव: संतुलित क्षेत्रीय विकास, ग्रामीण उद्यमिता
नोट: सभी डेटा सरकारी स्रोतों और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार (2014-2025)