हितधारक (Stakeholders)
किसी भी केस स्टडी में सबसे पहला कदम उन लोगों या समूहों की पहचान करना है जो निर्णय से प्रभावित होंगे।
हितधारकों के प्रकार
- प्राथमिक हितधारक: वे जो निर्णय से सीधे और तुरंत प्रभावित होते हैं (जैसे, विस्थापित होने वाले आदिवासी, या भ्रष्टाचार का शिकार)।
- माध्यमिक हितधारक: वे जो अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं (जैसे, क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, या व्यापक समाज)।
- मौन हितधारक: वे जो बोल नहीं सकते लेकिन प्रभावित हैं (जैसे, पर्यावरण, भविष्य की पीढ़ियां, या जानवर)।
हितधारक विश्लेषण क्यों?
- यह सुनिश्चित करता है कि निर्णय समावेशी है।
- यह अनपेक्षित परिणामों को रोकने में मदद करता है।
- यह गांधीजी के "ताबीज" (सबसे कमजोर व्यक्ति का विचार) को लागू करने में मदद करता है।