Skip to content

हितधारक (Stakeholders)

किसी भी केस स्टडी में सबसे पहला कदम उन लोगों या समूहों की पहचान करना है जो निर्णय से प्रभावित होंगे।

हितधारकों के प्रकार
  1. प्राथमिक हितधारक: वे जो निर्णय से सीधे और तुरंत प्रभावित होते हैं (जैसे, विस्थापित होने वाले आदिवासी, या भ्रष्टाचार का शिकार)।
  2. माध्यमिक हितधारक: वे जो अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं (जैसे, क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, या व्यापक समाज)।
  3. मौन हितधारक: वे जो बोल नहीं सकते लेकिन प्रभावित हैं (जैसे, पर्यावरण, भविष्य की पीढ़ियां, या जानवर)।
हितधारक विश्लेषण क्यों?
  • यह सुनिश्चित करता है कि निर्णय समावेशी है।
  • यह अनपेक्षित परिणामों को रोकने में मदद करता है।
  • यह गांधीजी के "ताबीज" (सबसे कमजोर व्यक्ति का विचार) को लागू करने में मदद करता है।